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गुरु बदलेंगे राशि, जानें गुरु महादशा का प्रभाव और धनवान बनाने वाले लाभकारी उपाय-आइए जानते हैं डॉ संजय आर शास्त्री

गुरु अप्रैल में राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं और इस बदलाव को ज्‍योतिष की दुनिया में बहुत ही महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि गुरु मेष र

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गुरु अप्रैल में राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं और इस बदलाव को ज्‍योतिष की दुनिया में बहुत ही महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि गुरु मेष राशि में पहुंचकर सूर्य के साथ य‍ुति करेंगे और इससे सूर्य-गुरु का महासंयोग बनेगा। यह महासंयोग कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आएगा। गुरु जिन जातकों की कुंडली में मजबूत स्थिति में होता है उन जातकों को करियर में तरक्‍की मिलती रहती है और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहती है। गुरु की महादशा किसी भी जातक पर 16 साल तक रहती है। इस अवधि में जातकों की अप्रत्‍याशित तरक्‍की होती है और नाम व शौहरत खूब मिलती है। आइए जानते गुरु की महादशा में जातकों को कौन से उपाय करने चाहिए ताकि उनके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहे।
ज्‍यो‍तिष में ऐसा बताया जाता है कि देवगुरु बृहस्‍पति की महादशा 16 साल तक चलती हे। कुंडली में गुरु के मजबूत स्थिति में होने पर जीवन के हर क्षेत्र में व्‍यक्ति को सफलता प्राप्‍त होती हे। ऐसी स्थिति में व्‍यक्ति को भाग्‍य का भरपूर साथ मिलता है और कभी धन की कमी नहीं होती। गुरु की महादशा होने पर जातकों नौकरी में अप्रत्‍याशित तरक्‍की प्राप्‍त होती है और अचानक से कोई ऐसा ऑफर मिलता है कि सेलरी दोगुनी हो जाती है। ऐसे लोगों को धन दौलत भरपूर मिलती है। आध्यात्‍म के प्रति झुकाव बढ़ने लगता है। आप दान पुण्‍य के कार्यों में अधिक रुचि लेने लगते हैं। मन सकारात्‍मकता से भरा रहता है। गुरु की महादशा में कौन से उपाय करना आपके लिए बेहतर रहेगा, आइए जानते हैं।

गुरुवार का व्रत
गुरुवार का व्रत भगवान विष्‍णु के साथ-साथ देवगुरु बृहस्‍पति को प्रसन्‍न करने के लिए भी किया जाता है। कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए गुरुवार को व्रत रखने से विशेष लाभ होता है। इस दिन व्रत करने वालों को एक वक्‍त भोजन करना चाहिए और पीली मिठाई या फिर हल्‍दी से बनी चीजों का सेवन करना चाहिए। इस दिन नमक नहीं खाना चाहिए। इस दिन व्रत करने वालों को पीली वस्‍तुओं का भी दान करना चाहिए।

गुरु को दें उपहार
ऐसा माना जाता है कि अपने आध्‍यात्मिक गुरु को नमन करने और उनका आशीर्वाद लेने से भी कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है। प्रत्‍येक गुरुवार को अपने गुरु के साथ भेंट करें और उनका आशीर्वाद जाकर लें। अगर आपके लिए ऐसा कर पाना संभव न हो तो घर पर ही उनकी तस्‍वीर को प्रणाम करें और उनके निमित्‍त जरूरत की वस्‍तुएं जरूरतमंदों को दान करें। ऐसा करने से आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है।

इस रत्‍न को धारण करने से होगा लाभ
कुंडली में जिन लोगों के गुरु कमजोर होता है उन्‍हें पुखराज धारण करने से लाभ होता है। इस रत्‍न को सोने में धारण करें और अंगूठी को अनामिका उंगली में पहलें। इस रत्‍न को धारण करने से पहले किसी रत्‍न विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इसको धारण करने से आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल होने लगती है।

हल्‍दी का उपाय
कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए गुरुवार को हल्‍दी का यह उपाय बहुत ही प्रभावी माना जाता है। गुरुवार को पानी में हल्‍दी डालकर स्‍नान करें। इससे कुंडली में गुरु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और स्थिति आपके लिए अनुकूल होती है।

केले के पेड़ की पूजा
गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्‍णु प्रसन होते हैं और उनका ही अंश माने जाने वाले गुरु की अनुकूलता भी प्राप्‍त होती है। केले के पेड़ पर हल्‍दी, गुड़ और चने की दाल चढ़ाएं। इससे आपकी कुंडली में गुरु मजबूत होगा और जीवन में तरक्‍की हासिल होगी।

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