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जानिए कैसे बनते है कुंडली मे मुक़ादमेबाजी और जेल जाने के योग !! *डॉक्टर संजय आर शास्त्री से

जन्मकुंडली का छठा भाव और छठे भाव का स्वामी केश मुक़ादमे का स्थान भी होता है। अगर छठा भाव व छठे भाव के स्वामी दोनो बहुत ही दूषित है और उसपर राहु, के

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जन्मकुंडली का छठा भाव और छठे भाव का स्वामी केश मुक़ादमे का स्थान भी होता है। अगर छठा भाव व छठे भाव के स्वामी दोनो बहुत ही दूषित है और उसपर राहु, केतु या शनि बैठे हो या छठे भाव के स्वामी से संबंध बना रहें हो तब ऐसी स्थिति में छठे भाव स्वामी की दशा अंतर्दशा में किसी न किसी कारण कोई केश मुकदमे से परेशानी हो सकती है। पर यदि छठे भाव का स्वामी बलवान है और उसपर शुभ ग्रहों की दृष्टि भी है तब मुकादमा का निपटारा जल्द ही हो जाएगा जबकि छठा भाव कमजोर होकर पीड़ित है तब मुकदमेबाजी लंबी चलेगी। अब जेलयात्रा के योग पर बात करते है। जन्मकुंडली का लग्न व लग्नेश हम स्वयं होते है तो कुंडली के छठे भाव और बारहवें भाव जेल से सम्बन्धित है तो शनि, राहु व केतु पाप ग्रह जेल के कारक है जबकि राहु झूठे इल्जाम में जेल कराने वाला ग्रह है तो शनि और कहीं कही मंगल अपराध के कारण जेल कराएंगे। अगर इन सबों का अशुभ स्तिथि में संबंध बनता तो किसी न किसी कारण से जेल होगी ही होगी चाहे कोई अपराध कानूनी रूप से किया गया हो या न किया गया हो, अपराध नही भी किया गया होगा यो जूठे इल्जाम के कारण जेल जाने के योग बन जाएंगे। उदाहरण के लिए मीन लग्न में यदि लग्न स्वामी गुरु 8 वे भाव मे जाकर छठे भाव के स्वामी सूर्य या 12वे भाव स्वामी शनि के साथ संबंध बनाकर बैठे हो या लग्नेश गुरु छठे बारहवें भाव मे सूर्य राहु,केतु या शनि सहित बैठे हो तब जेल जाना पड़ेगा, बाकी अब आगे छठे भाव व छठे भाव के स्वामी दोनो(मुक़ादमे भाव)सूर्य,राहु, केतु या शनि से पीड़ित या सम्बन्ध में है तब मुकादमेबाजी में लंबे समय तक रहना पड़ेगा लेकिन छठे भाव के स्वामी सूर्य बलवान है और अनुकूल स्थिति में है तब मुकादमा का अंत सुखदाई रहेगा और जल्दी खत्म हो जाएगा।।
इसी प्रकार तुला लग्न में लग्नेश शुक्र शनि,राहु या केतु से पीड़ित होकर छठे भाव मे हो या छठे भाव स्वामी गुरु सहित 8वे या 12वे भाव मे हो तब जेल जाने की स्थिति जीवन मे बनेगी अगर शुक्र बहुत बलवान है और लग्न पर कुंडली के योगकारक ग्रह शनि सहित बुध चन्द्र की दृष्टि है तब जेल ज्यादा लंबे समय के लिए नही होगी जबकि छठे भाव स्वामी गुरु और छठा भाव दोनो कमजोर होकर अशुभ राहु केतु के प्रभाव या सम्बन्ध में हैं तब मुक़ादमे लंबे चलेंगे।अब गुरु पर छठे भाव पर शुभ ग्रहों शुक्र चन्द्र बुध का प्रभाव या संबध है गुरु नवमांश कुंडली में बलवान है तब मुकदमा जल्दी खत्म होगा और आपके पक्ष में रहेगा। इस तरह जीवन मे जेल और मुक़ादमेबाजी होना तय है या नही यह आपकी कुंडली के छठे भाव सहित लग्न लग्नेश व पापग्रह की स्थिति बता देगी। तब जेल जाने से बचने और मुकादमों में सफलता या मुकादमों से बचने के उपाय समय रहते करके जीवन मे इन संकटो से बचा जा सकता है।
डॉक्टर संजय आर शास्त्री जी
चेयरमैन सनातन धर्म मंदिर केंट वाशिंगटन एवम् वैदिक एस्ट्रो साइंस फाउंडेशन ऑफ़ अमेरिका आईएनसी

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