
NBM HINDI NEWS-:अमरोहा। अमरोहा लोकसभा सीट का इतिहास बताता है कि यहां हर किसी को कुछ न कुछ जरूर मिला है । यहां तक कि दो बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और एक बार निर्दलीय भी सीट पा चुके हैं । मुख्य पार्टियों में यहां भाजपा, कांग्रेस, एसपी, बीएसपी और आरएलडी सक्रिय हैं जबकि कुछ छोटे दल जैसे- जन शक्ति दल और पीएसपीएल भी सक्रिय हैं । इसी में एक नाम और है बीआरएसएस यानी भारत राष्ट्रीय सेवक संघ ।
2024 के आम चुनाव में इस सीट से बीआरएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर विनोद नागर मैदान में उतर सकते हैं । नागर ने हाल ही में इस क्षेत्र के कई दौरे किये हैं और लगातार यहा बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को खड़ा करने के लिए काम कर रहे हैं । नागर की उम्मीदवारी इस मामले में मजबूत हो सकती है कि वह गुर्जर समुदाय से हैं और चुनावी नतीजों में उलट-फेर कर सकते हैं ।
इसके अतिरिक्त नागर को चुनावी राजनीति का सामना करने का अनुभव है और वह 2019 में गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं । चूंकि उनकी पार्टी बीआरएसएस सभी जाति-धर्म के लोगों को साथ लेकर चलती रही है इसलिए अमरोहा जैसी मिलीजुली आबादी वाली सीट पर वह कोई चमत्कार भी कर सकते हैं ।
गंगा किनारे बसा यह शहर कॉटन कपड़े, हाथ की बुनाई, मिट्टी के बर्तनों, चीनी मिल और गलीचे के उत्पादन, आम और मछली के कारोबार के लिए जाना जाता है । अमरोहा की ढोलक भी मशहूर है । अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें (धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर और गढ़मुक्तेश्वर) भी शामिल हैं.
अमरोहा संसदीय सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कुंवर दानिश अली ने भारतीय जनता पार्टी के चौधरी कंवर सिंह तंवर को 63,248 मतों से पराजित कर जीत हासिल की थी। कांग्रेस प्रत्याशी सचिन चौधरी 12510 मत ही हासिल कर पाए हैं। इसके अलावा 7 निर्दलीय और तीन-चार छोटे दल भी चुनाव मैदान में थे । खास बात यह है कि प्रदेश में सबसे अधिक 71.04 फीसद मतदान का रिकार्ड अमरोहा ने अपने नाम किया था।
अमरोहा लोकसभा सीट पर पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 5.70 लाख, एससी 2.75 लाख, जाट 1.25 लाख, सैनी 1.25 लाख व अन्य 5 लाख के करीब हैं जिनमें 70 हजार गुर्जर मतदाता हैं ।