शिवरात्रि दिन करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप, मिलेगी 5 दोषों से मुक्ति-आइए जानते हैं डॉ संजय आर शास्त्री


आप शिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं तो आपके लिए विशेष रूप से फलदायी हो सकता है।

सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन को लोग उनके विवाहोत्सव के रूप मनाते हैं। इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से फलदायी होती है और इस दिन कुछ विशेष उपाय आजमाए जाते हैं।

मान्यता है कि शिवरात्रि में यदि आप कुछ विशेष मंत्रों का जाप करती हैं तो आपके जीवन में समृद्धि आती है। उन्हीं मन्त्रों में से एक है महा मृत्युंजय मंत्र। इस मंत्र को शिव भक्तों के लिए बहुत फलदायी माना जाता है और ये समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करता है।

ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र का यदि महाशिवरात्रि के दिन जाप किया जाता है तो कई कष्टों और दोषों से मुक्ति मिल सकती है। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ संजय आर शास्त्री जी से जानें कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के क्या फायदे हैं और शिवरात्रि के दिन क्यों इसे जरूरी माना जाता है।
भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला मंत्र
भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला ख़ास मंत्र है। ये मंत्र ऋग्वेद और यजुर्वेद में भगवान शिव की स्तुति में लिखा है। ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से भगवान शिव अपने भक्तों को शुभ फल देते हैं।
कैसे करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
अगर इस मंत्र का जाप आप रुद्राक्ष की माला से करते हैं तो आपको बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। इस मंत्र के जाप से मनुष्य की हर एक परेशानी दूर हो सकती है।
मंत्र के जाप के लिए शिवरात्रि के दिन प्रातः जल्दी उठें और स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ़ वस्त्रों को धारण करें और पूजा के स्थान को साफ़ कर लें। सभी भगवानों को स्नान कराएं और साफ़ वस्त्र पहनाएं।
इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें और आंखें बंद करके मंत्र उच्चारण करें। इस मंत्र के जाप के लिए आपका तन और मन दोनों पवित्र होना चाहिए।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप है फलदायी
इस मंत्र के जाप से व्यक्ति की समस्त परेशानियां दूर होती हैं और रोग खत्म हो जाते हैं।
इससे किसी भी तरह का रोग या अकाल मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है। शिव पुराण के अनुसार इस मंत्र में बहुत शक्ति होती है और इससे मनुष्य की सभी बाधाएं और परेशानियां दूर हो जाती हैं।
मान्यता है कि किसी भी प्रकार के दोष का नाश महा महामृत्युंजय मंत्र से ही होता है और व्यक्ति शुभ फलों को प्राप्त करता है।
इस मंत्र के जाप से कुंडली में मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, काल सर्प दोष, संतान बाधा दोष के साथ अन्य भी कई दोष हैं जो समाप्त होते हैं।
जो व्यक्ति मंत्रोच्चारण शिवरात्रि के दिन नियम और विधि-विधान के साथ करता है उसे दीर्घायु का वरदान मिलता है।
ये मंत्र मनुष्य को न सिर्फ आरोग्य का वरदान देता है बल्कि उसकी बीमारियों का भी नाश करता है।
अगर आपको धन संपत्ति पाने की इच्छा है तो आपको इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
मंत्र के जाप से समाज में प्रतिष्ठा और उच्च स्थान मिलता है।
यदि आप भी दोषों से मुक्ति के साथ निरोगी काया की चाह रखते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करें।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *