आखिर किसी की मृत्यु के बाद ही क्यों होता है गरुड़ पुराण का पाठ, क्या है इसके पीछे मुख्य वजह? जानिए डॉक्टर संजय आर शास्त्री जी

जब किसी परिवार में कोई मृत्यु होती है तो वहां गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है. इसमें जीवन से लेकर मृत्यु तक कई रहस्यों को खुलासा किया गया है.

हिंदू धर्म में 18 महापुराण हैं जिनमें से एक गरुड़ पुराण है जिसमें मनुष्य के जीवन और मृत्यु से जुड़े ऐसे रहस्यों से पर्दा उठाया गया है जिनके बारे में जानने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं. सनातन धर्म में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके घर में 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के बाद मरने वाली आत्मा 13 दिनों तक उसी घर में रहती है और गरुड़ पुराण का पाठ करने से उस आत्मा को शांति मिलती है. किसी की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण क्यों पढ़ा जाता है इसके बारे में भी गरुड़ पुराण में विस्तार से जानकारी दी गई है

मरने के बाद क्यों पढ़ते हैं गरुड़ पुराण

सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का विशेष महत्व माना गया है और घर में किसी की मृत्यु के बाद 13 दिनों तक लगातार इसका पाठ किया जाता है. मान्यता है कि मरने वाली की आत्मा 13 दिनों तक अपने घर में ही रहती है और इस दौरान गरुड़ पुराण सुनाने से उसे सांसारिक मोह माया से मुक्ति मिलती है. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के बाद व्यक्ति स्वर्ग और नरक में किस तरह जगह मिलती है. इस पुराण में मनुष्य और आत्मा की गति, अधोगति और दुर्गति के बारे में विस्तार से बताया गया है.

गरुड़ पुराण में खास रहस्य

साथ ही गरुड़ पुराण में यह भी जानकारी दी गई है कि शरीर को त्यागने के बाद मृतक की आत्मा को किस तरह आगे की यात्रा तय करनी होती है. उसे कर्मों के अनुसार स्वर्ग या नरक किस लोक में जगह मिलेगी. इसके अलावा किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद 13 दिनों तक घर में इसलिए भी गरुड़ पुराण पढ़ा जाता है ताकि मृतक के परिजनों को सत्कर्म और सद्गति की जानकारी प्राप्त हो.

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