होलिका दहन में बिलकुल नहीं करना चाहिए इन लकड़ियों का इस्तेमाल-आइए जानते हैं डॉ संजय आर शास्त्री जी

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होलिका दहन में बिलकुल नहीं करना चाहिए इन लकड़ियों का इस्तेमाल-आइए जानते हैं डॉ संजय आर शास्त्री जी

होलिका दहन के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखने के लिए विशेष तौर पर कहा जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि होलिका जालने के लिए किन लकड़ियो

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होलिका दहन के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखने के लिए विशेष तौर पर कहा जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि होलिका जालने के लिए किन लकड़ियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

हिन्दू धर्म में होली का अत्यंत महत्व है। जहां एक ओर 7 मार्च, दिन मंगलवार को होलिका दहन किया जाएगा तो वहीं, 8 मार्च, दिन बुधवार को रंगों वाली होली खेली जाएगी।

अगर होलिका दहन के दिन की बात करें तो इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है। होलिका दहन वाले दिन लकडियां इक्कट्ठी कर एक मचान जैसा आकार तैयार किया जाता है और फिर उसमें अग्नि प्रज्वलित कर उसकी पूजा एवं परिक्रमा लगाई जाती है।

ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ संजय आर शास्त्री जी ने हमें होलिका दहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताईं। साथ ही, उन्होंने हमें होलिका दहन के कुछ आवश्यक नियमों से भी अवगत कराया। इन्हीं में से एक है होलिका दहन के दौरान इस्तेमाल में लाई जाने वाली लकड़ियां।

हमारे एक्सपर्ट ने हमें बताया कि होलिका दहन के दौरान कुछ लकड़ियों का इस्तेमाल वर्जित माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका जलाने में इन लकड़ियों के इस्तेमाल से घर में अशुभता आती और नकारात्मकता हावी होने लगती है।

पीपल के पेड़ की लकड़ी

पीपल के पेड़ में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है। ऐसे में पीपल के पेड़ (पीपल के पेड़ के उपाय) की लकड़ी को होलिका जलाने के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे देवी-देवताओं द्वारा शुभ शक्तियों का संचार समाप्त हो जाता है।

woods not to be used on holika dahan

शमी के पेड़ की लकड़ी

शमी का पौदा या पेड़ शनि देव को अति प्रिय है। इस कारण से शमी के पेड़ की लकड़ी को भी होलिका जलाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। शमी की लकड़ी को जलाने से शनि देव नाराज हो जात हैं और शनि दोष लगता है।

 

आम के पेड़ की लकड़ी

आम के पेड़ लकड़ी को होलिका दहन के लिए कतई इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि आम के पेड़ की लकड़ी को पूजा-पाठ में प्रयोग किया जाता है जिससे शुभता और सकारात्मकता का जीवन में आगमन हो।

avoid these woods on holika dahan

आंवले के पेड़ की लकड़ी

आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। ऐसे में होलिका दहन के दौरान आंवलें के पेड़ की लकड़ी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु (भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है नारायण?) की कृपा रुक जाती है।

नीम और केले के पेड़ की लकड़ी

जहां एक ओर नीम को वैज्ञानिक तौर पर बहुत लाभकारी माना गया है तो वहीं, धार्मिक दृष्टि से केले के पेड़ में बृहस्पति देव का वास स्थापित है। ऐसे में नीम की लकड़ी जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है तो केले के पेड़ की लकड़ी जलाना गुरु दोष पैदा करता है।

do not use these woods on holika dahan

अशोक और बेल के पेड़ की लकड़ी

अशोक और बेल के पेड़ की लकड़ी को हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र और तुलसी के समान ही पूजनीय माना गया है। एस एमें इन पेड़ों की लकड़ी का इस्तेमाल भी होलिका दहन के दौरान नहीं होना चाहिए।

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